भारत में टीकाकरण
भारत का Universal Immunization Programme (UIP) दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम है। सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में कई टीके मुफ़्त लगते हैं। इसके अलावा IAP (Indian Academy of Pediatrics) का शेड्यूल ज़्यादा व्यापक है।
जन्म के समय
- BCG: TB (तपेदिक) से सुरक्षा — बाएं कंधे पर।
- OPV-0: पोलियो की पहली खुराक (मुँह में बूँदें)।
- Hepatitis B-1: जन्म के 24 घंटे के भीतर।
6 हफ़्ते
- DTwP/DTaP-1: डिफ़्थीरिया, टेटनस, काली खाँसी।
- IPV-1: Injectable पोलियो।
- Hib-1: Haemophilus influenzae type b।
- Rotavirus-1: रोटावायरस — दस्त की सबसे बड़ी वजह।
- PCV-1: Pneumococcal vaccine (IAP recommended)।
10 और 14 हफ़्ते
ऊपर दिए गए टीकों की दूसरी और तीसरी खुराक।
6 महीने
- OPV-3 + IPV-2: पोलियो बूस्टर।
- Hepatitis B-3: तीसरी और अंतिम खुराक।
- Influenza-1: फ़्लू का टीका (IAP recommended — हर साल)।
9-12 महीने
- MMR-1: खसरा, मम्प्स, रूबेला — 9 महीने में।
- Typhoid Conjugate Vaccine: टाइफ़ॉइड — भारत में बहुत ज़रूरी।
- Hepatitis A-1: 12 महीने में।
टीकाकरण के बाद
- हल्का बुखार और इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन सामान्य है।
- Paracetamol दे सकते हैं (doctor की सलाह से)।
- टीकाकरण कार्ड हमेशा संभालकर रखें — स्कूल admission में ज़रूरी होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
टीकाकरण सुरक्षित है?
हां, टीके सबसे सुरक्षित और प्रभावी चिकित्सा उपाय हैं। दुष्प्रभाव आमतौर पर हल्के और अस्थायी होते हैं।
टीके के बाद बुखार आए तो?
हल्का बुखार सामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया है। आमतौर पर 1-2 दिन में उतर जाता है। तेज़ बुखार बना रहे तो डॉक्टर दिखाएं।
टीकाकरण की तारीख़ छूट गई तो?
शुरू से दोबारा करने की ज़रूरत नहीं। जल्द से जल्द बाल रोग विशेषज्ञ से कैच-अप शेड्यूल बनवाएं।
चिकित्सा अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अपने बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी निर्णय के लिए कृपया बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें।


